क्लियोपेट्रा का रहस्य: एक मिस्र का मजदूर काम के बाद उसकी कृपाओं का आनंद लेता है।

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काहिरा के एक चहल-पहल भरे दफ्तर की छाया में, एक मिस्री व्यक्ति और उसकी सहकर्मी वेश्या गलियारों में भटकते हुए उसके निजी एकांत स्थान तक पहुँचते हैं—कार्यस्थल का यह एकांत स्थान ही उनका गुप्त आश्रय है। चकाचौंध भरी नियॉन लाइटों में अनकही इच्छाएँ अब उसके अपार्टमेंट की अंतरंगता में फुसफुसाहट में बदल जाती हैं। वह व्यक्ति, जिसके हाथ उत्तेजना से काँप रहे हैं, वेश्या के कपड़े उतारता है, जिससे उसके पेशेवर कपड़ों के नीचे छिपे हुए सुडौल शरीर का पता चलता है। वे एक दूसरे को कसकर गले लगाते हैं, उनके होंठ वासना के नृत्य में मिल जाते हैं। वेश्या की उंगलियाँ उसकी पीठ पर वासना की रेखाएँ बनाती हैं, उसे और करीब खींचती हैं। उनके शरीर एक दूसरे में लिपट जाते हैं, हर साँस आनंद का वादा करती है। उसके बिस्तर की शांति में, वे खुद को खो देते हैं, बाहरी दुनिया विस्मृति में विलीन हो जाती है क्योंकि वे उस जुनून में डूब जाते हैं जो दिन भर से सुलग रहा था।.