वह अपनी बारी लेता है, मैं उसका बोझ उठाता हूँ: लाल होंठ फिर से अपने दोस्त की सेवा करते हैं
12 हजारमंद रोशनी वाले शयनकक्ष में, जहाँ उत्साह का माहौल छाया हुआ है, एक खूबसूरत भूरे बालों वाली लड़की घुटनों के बल बैठी है, उसके लाल होंठ और नाखून उसके कामुक दोस्त की निगाहें अपनी ओर खींच रहे हैं। वह झुकती है और उसके कड़े लिंग को अपने गीले मुँह में ले लेती है, उसके लाल नाखून उसकी जांघों को धीरे से सहलाते हैं। उसका सिर लयबद्ध ढंग से हिलता है, हर हरकत सटीक और सधी हुई है, जैसे वह जोश से चूस रही हो। दोस्त उसके बालों को पकड़कर उसकी गति को नियंत्रित करता है, उसकी साँसें तेज़ होती जा रही हैं। जब वह पल आता है, तो वह स्खलित हो जाता है, उसका गर्म, नमकीन वीर्य उसके मुँह में भर जाता है। बिना किसी झिझक के, वह हर बूँद निगल जाती है, उसकी आँखें उसकी आँखों में टिकी हैं, उसके होठों पर एक शरारती मुस्कान है।.




















