शाइडेन रोग ने अँधेरी थिएटर की गली में एक जोखिम भरा ब्लोजॉब दिया।

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मंद रोशनी वाले सिनेमाघर में, शैडेन रोग एक सुनसान पंक्ति में चली जाती है, जहाँ एक अजनबी उसका इंतज़ार कर रहा होता है। वातावरण में उत्सुकता का भाव गहरा होता है, शैडेन घुटनों के बल बैठ जाती है और कुशलता से उसके पतलून की ज़िप खोल देती है। उसका लिंग बाहर आ जाता है, तैयार और धड़कता हुआ। शैडेन आगे झुकती है, उसके होंठ खुल जाते हैं और वह उसे अपने मुँह में गहराई तक ले लेती है। उसका सिर लयबद्ध ढंग से हिलता है, उसके चूसने और चाटने की गीली आवाज़ें शांत सिनेमाघर में गूँजती हैं। वह कभी डीप थ्रोट करती है तो कभी अपनी जीभ से उसे चिढ़ाती है, उसकी आँखें उसकी आँखों में टिकी होती हैं, कामुक इरादों से भरी हुई। उसके हाथ घूमते हैं, उसकी जांघों को सहलाते हैं और उसके अंडकोष को थाम लेते हैं, जिससे उसकी उत्तेजना और बढ़ जाती है। पकड़े जाने का डर इस पल को और भी तीव्र बना देता है, क्योंकि शैडेन उसे एक ऐसा ब्लो जॉब देती है जो जितना खतरनाक है उतना ही रोमांचक भी।.